8 साल बाद यह रास्ते आज भी बिल्कुल वैसे ही हैं। रुको गाड़ी रोको। दीपिका थोड़ा आराम कर लें। सुबह से लगी है। अभी नहीं दीदी। आज की मजदूरी बहुत जरूरी है। नहीं यह दीपिका नहीं हो सकती। संख संजीव तुम यहां मजदूरी कर रही हो। [संगीत] जिंदगी ने जो काम दिया मैंने करना सीख लिया। दीपिका
इतने सालों में तुम्हारे साथ क्या हुआ? यह सवाल 8 साल पहले पूछा होता तो शायद सब अलग होता। आखिर मैंने उस दिन तुम्हारी बात क्यों नहीं सुनी? बेटा रात देर तक पढ़ा था। थोड़ा आराम कर लें। आईएएस बनने के बाद करूंगा मां। [संगीत] संजीव पढ़ाई के साथ इतनी मजदूरी कैसे कर लेता है? सपना बड़ा हो तो थकान छोटी लगती है मालिक। किताब छोड़ भाई। ईंट उठातेउ आईएएस बनेगा क्या? कोशिश करने में टैक्स नहीं लगता। एक दिन यही मेहनत मेरी पहचान बदलेगी। दीपिका तुम्हें जिंदगी में आखिर चाहिए
क्या? बस ऐसा इंसान जिसकी पहचान उसके पैसे से नहीं उसके कर्म से हो। लगता है इंजन में दिक्कत है। थोड़ा समय लगेगा। अब घर कैसे पहुंचेंगे? आपको बस ठीक करना भी आता है? गरीबी बहुत कुछ सिखा देती है। [संगीत] आप पढ़ाई भी करते हैं? हां, आईएएस की तैयारी कर रहा हूं। बहुत-बहुत धन्यवाद। आपका नाम तो बताया ही नहीं। संजीव [संगीत] संजीव मैडम बस ठीक हुई है या दिल में कुछ गड़बड़ हुई है? चुप भी कर। आज बहुत देर हो गई बेटा। सब ठीक तो है? हां मां। रास्ते में एक खराब बस मिल गई
थी। हम बस ठीक की थी या कोई और बात भी है? मां तुम भी ना कुछ भी सोचती हो। [नाक से की जाने वाली आवाज़] कल वाला आईएस साहब अभी तक दिमाग में घूम रहा है। बस उसकी मेहनत अच्छी लगी। हम [संगीत] ये किताबें मुश्किल से मिलती हैं। संभाल कर रखना। जी मैडम परीक्षा के बाद लौटा दूंगा। अगर पहली बार में सफलता नहीं मिली तो? तो दूसरी बार कोशिश करूंगा। फिर तीसरी बार। हार तभी होती है जब इंसान कोशिश करना छोड़ दे। आजकल कॉलेज से आने में देर होने लगी है। बस पढ़ाई में थोड़ा ज्यादा समय लग रहा है पिताजी। बच्चे बड़े हो जाए तो उनकी दुनिया भी
बदलने लगती है। दीपिका समझदार है। मुझे उस पर भरोसा है। संजीव जिंदगी किताबों से नहीं चलती। लेकिन मेरी जिंदगी बदल जरूर सकती है। [संगीत] कल परीक्षा है ना। आज जल्दी घर चला जा। लेकिन आज की मजदूरी आज की मजदूरी मेहनती आदमी की मदद नुकसान का सौदा नहीं होती। यह [संगीत] एहसान याद रखूंगा मालिक। कल डरना मत बेटा। मेरी दुआ तेरे साथ है। इस बार पूरी जान लगा दूंगा मां। सभी उम्मीदवार अपना प्रश्न पत्र खोल सकते हैं। [गहरी सांस लेने की आवाज़] बस आज मेरी मेहनत मेरा साथ दे। समय समाप्त। सभी लिखना बंद करें।
आप यहां सोचा भावी आईएएस साहब का पेपर पूछ लूं। [हंसी] कैसा हुआ? अच्छा हुआ लेकिन फैसला रिजल्ट करेगा। मुझे नहीं पता रिजल्ट क्या होगा। पर आप एक दिन जरूर जीतेंगे। [संगीत] [रोने की आवाज़] अब उसकी किताबें भी तुम्हारे पास रहने लगी। सिर्फ वापस करनी है। [हंसी] ये पेन मेरा नहीं है। अगली परीक्षा इसी से देना। शायद किस्मत बदल जाए। मैं महंगे तोहफे लेने का आदि नहीं हूं। तो इसे तोहफा नहीं मेरी शुभकामना समझिए। [संगीत]
यह लिखावट किसकी है? मेरे एक दोस्त की। दोस्त का कोई नाम भी होगा? संजीव। [संगीत] आईएएस की तैयारी करता है। संजीव वही मजदूरी कर वही मजदूरी करने वाला लड़का तुम उसे जानते हो? लड़का मेहनती है। लेकिन हमारी और उसकी दुनिया बहुत अलग है। [संगीत] आज आप इतनी चुप क्यों हैं? पिताजी को हमारे मिलने के बारे में पता चल गया। हां। अगर मेरे कारण आपके परिवार को परेशानी हो रही है तो हम नहीं मिलेंगे। मैंने यह नहीं कहा कि मैं आपसे मिलना छोड़ना चाहती हूं।
दीपिका मेरे पास आज आपको देने [संगीत] के लिए कुछ भी नहीं है। मुझे आज का संजीव नहीं उसकी मेहनत पर भरोसा है। और अगर मैं कभी सफल नहीं हुआ तो तब भी आप मेहनती संजीव ही रहेंगे। काफी समय बाद मिल रही हो दीपिका। तुम भी तो शहर से गायब रहते हो। विक्रम को देखकर लगता है शहर ने इसे और समझदार बना दिया। [संगीत] आपसे ही तो सीखा है अंकल। सुना है आजकल किसी खास दोस्त से मिल रही हो? हां, उसका नाम संजीव है। [संगीत] अगर तुम्हें उस पर भरोसा है तो लड़का अच्छा ही होगा।
मां मुझे एक लड़की पसंद है। अच्छा आखिर किताबों के बीच कोई लड़की भी मिल गई। [नाक से की जाने वाली आवाज़] नाम क्या है मेरी होने वाली बहू का? दीपिका लेकिन उसका परिवार बहुत अमीर है मां। रिश्ते पैसे से नहीं चलते बेटा। बस लड़की का दिल अच्छा लड़की का दिल अच्छा होना चाहिए। दीपिका क्या तुम उस संजीव को लेकर सच में गंभीर हो? जी पिताजी मैं उसका सम्मान करती हूं। दीपिका क्या तुम उस संजीव को लेकर सच में गंभीर हो? जी पिताजी मैं उसका सम्मान करती हूं। [संगीत] वो मजदूरी करता है। तुम्हें क्या जिंदगी देगा? आज मजदूर है पिताजी। हमेशा नहीं [संगीत]
रहेगा। भैया बेटी भावनाओं में फैसला कर रही है। मैं उसे दुखी भी नहीं देखना चाहता। अगर यह रिश्ता हो गया तो बहुत कुछ बदल जाएगा। पिताजी हमारे रिश्ते के लिए तैयार नहीं है। मैं उनकी जगह होता तो शायद मैं भी डरता। मैं तुम्हें उनसे [संगीत] छीन कर नहीं उनका भरोसा जीत कर पाना चाहता हूं। तो फिर मैं इंतजार करूंगी। चाहे जितना समय लगे। नाम मिल जाएगा बेटा। घबरा मत। नहीं।
मेरा नाम नहीं है। इतनी मेहनत के बाद भी हार गया मां। परीक्षा हारा है बेटा जिंदगी नहीं सुना रिजल्ट आ गया है। इस बार भी सपना मुझसे दूर रह गया। एक रिजल्ट तय नहीं करेगा कि आप क्या बनेंगे। आपने कहा था ना हार कोशिश होती है। हार कोशिश छोड़ने पर होती है। मेरी बातें मुझे ही सुना रही हो। मेरे मना करने के बाद भी तुम मुझसे मिलने गई थी। वो मुश्किल में था पिताजी।
जो खुद सफल नहीं हो पाया वो तुम्हें क्या संभालेगा? असफल होना और नाकाम इंसान होना अलग है। सब ठीक है अंकल। आजकल कुछ भी ठीक नहीं लग रहा। दीपिका उस लड़के के लिए मुझसे लड़ रही है। हो सकता है लड़का सच में अच्छा हो। गरीबी किसी का चरित्र तय नहीं करती है। एक बार मिलकर देखिए। तो तुम मेरी बेटी से शादी करना चाहते हो? जी। लेकिन आपकी मर्जी के बिना नहीं। तुम्हारे पास घर नहीं, पैसा नहीं, उसे क्या दोगे? आज सिर्फ सम्मान और साथ दे सकता हूं। दौलत का वादा नहीं करूंगा लेकिन उसे कभी बोझ नहीं समझूंगा।
मेरे कारोबार में नौकरी कर लो, जिंदगी आसान हो जाएगी। माफ कीजिए मुझे अपनी पहचान खुद बनानी है। आपने पिताजी की नौकरी क्यों ठुकराई? तुम्हारा हाथ चाहिए दीपिका एहसान नहीं। गरीब हैं लेकिन अकड़ बहुत है। नहीं मुझे उसमें अकड़ नहीं आत्मसम्मान दिखा। दीपिका की [संगीत] शादी उससे हुई। तो यह लड़का हमारे बीच आ जाएगा। क्या मिला संजीव? किसी की मजदूरी है। मालिक को ढूंढते हैं। हम भाई पूरे महीने की कमाई थी। हम मेहनत का पैसा बहुत कीमती होता है। मेहनत का पैसा बहुत कीमती होता है। संजीव कैसा लड़का है? गरीब जरूर हैं साहब बेईमान बिल्कुल नहीं।
हमारे गरीब घर में आपका स्वागत है। आज घर नहीं संस्कार देखने आया हूं। मेरे बेटे के पास देने को पैसा नहीं हूं। पर दिल बहुत साफ है। आप यहां? हां। आज तुम्हारी असली दौलत देखने आया था। मेरी बेटी को हमेशा सम्मान दोगे? अपनी जिंदगी से भी ज्यादा। पिताजी आप कहां गए थे? तुम्हारे संजीव का घर देखने। शादी की तैयारी शुरू कर दो। सच पिताजी भगवान। मेरे बच्चों की खुशियां हमेशा बनाए
रखना। इस पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर तुम दोनों नए जीवन में प्रवेश करो। सदा सुखी रहो और एक दूसरे का सम्मान करो। और मैं हर हार में आपको फिर खड़ा करूंगी। पैसे से ज्यादा रिश्ते संभालना बेटी। आपकी बात हमेशा याद रखूंगी। घर छोटा है बेटी। दिल से स्वागत बहुत बड़ा है। अब यही मेरा घर है मां। [संगीत] हवेली छोड़कर यहां आना मुश्किल तो नहीं? जहां अपना इंसान हो वही घर होता है। आईएएस साहब किताब को तकिया बनाकर ऑफिसर
नहीं बनेंगे। अब मेरी पत्नी है या मेरी टीचर? रिजल्ट आने तक दोनों। दोनों। [हंसी] बेटी के आने से घर सच में घर लगने लगा है। हम अब आपकी शिकायत का आपका मौका नहीं दूंगी। [हंसी] संजीव [संगीत] को कम मत समझना। धीरे-धीरे सब बदल सकता है। वो दीपिका का पति है। दुश्मन नहीं। आज नहीं समझोगे लेकिन कल बहुत देर हो सकती है। दिन में मजदूरी और रात में पढ़ाई कब तक? जब तक तुम्हारा भरोसा जीत में नहीं बदल जाता। मुझे आईएएस पति नहीं चाहिए। मुझे आप सुरक्षित चाहिए। बस एक आखिरी कोशिश और। मां।
क्या हुआ? कुछ नहीं बेटा। बस थोड़ी कमजोरी है। दवा समय पर दीजिए और कुछ जांच भी करवानी होंगी। जी डॉक्टर साहब। मेरे पास कुछ गहने हैं। जरूरत पड़े तो नहीं तुम्हारे गहने नहीं बेचेंगे। मालिक कुछ घंटे और काम मिल सकता है। इतना काम करेगा तो पढ़ेगा कब? ठीक है। लेकिन खुद को बीमार मत कर लेना। धन्यवाद मालिक। इतनी देर कहां थे? मां की दवाइयों का इंतजाम कर रहा था। हर जिम्मेदारी अकेले क्यों उठाते हैं? क्योंकि तुम मेरे साथ हो इसलिए उठा पाता
हूं। भैया मां की तबीयत बहुत खराब है। तुम घबराओ मत। पहले अस्पताल चलते हैं। हमें आगे की तैयारी जल्दी करनी होगी। लेकिन हमारे पास अभी इतने पैसे नहीं हैं। पैसों की चिंता मत करो। इलाज नहीं रुकेगा। भैया आप पहले ही परेशान हैं। आप पहले ही परेशान हैं। परीक्षा फिर दे दूंगा। जिंदगी वापस नहीं आती। यह एहसान कैसे चुकाऊंगी? भाई का हिसाब नहीं चुकाया जाता। [संगीत]
दीपिका को शायद इसके बारे में पता होना चाहिए। भैया आपका यह एहसान मैं जिंदगी भर नहीं भूलूंगी। बस मां को ठीक करके घर ले जाना। [संगीत] तो कहानी में यह मोड़ भी है। अधूरा सच कभी-कभी पूरे [संगीत] झूठ से ज्यादा ताकतवर होता है। कुछ दिनों से आप मुझसे कुछ छिपा रहे हैं। बस थोड़ी पैसों की परेशानी है। मुश्किल मेरी भी है। मुझे बताया कीजिए। सब ठीक होते ही तुम्हें सब बताऊंगा। शादी के बाद सब ठीक चल रहा [संगीत] है ना बेटी? हां चाचा। बस संजीव कुछ परेशान है। कुछ बातें शायद पतिप के बीच ही अच्छी लगती
हैं। आप कहना क्या चाहते हैं? मैं चाहता हूं इसका जवाब संजीव खुद तुम्हें दे। नहीं संजीव ऐसा नहीं कर सकते। [संगीत] आपने उसे क्या दिखाया? सिर्फ वही जो तस्वीर में दिखाई देता है। संजीव ये लड़की कौन है? दीपिका जैसा तुम सोच रही हो वैसा कुछ नहीं है। तो सच क्या है? किसी की मजबूरी है। अभी उसका नाम नहीं बता सकता। मुझसे भी नहीं।
[संगीत] पहली बार लग रहा है मैं अपने ही पति को नहीं जानती। यह तस्वीर आखिर ली किसने? ली किसने? बस थोड़ा सा शक और रिश्ता खुद टूटने लगेगा। दीपिका बस थोड़ा वक्त दो। मैं सब बता। सच बताने के लिए वक्त क्यों चाहिए? सच बताने के लिए वक्त क्यों चाहिए? मैं तस्वीर पे नहीं आपकी खामोशी पर शक कर रही हूं। मैं किसी की मजबूरी दुनिया को नहीं बता सकता। बहू संजीव से कोई झगड़ा हुआ है? झगड़ा नहीं मां। बस कुछ सवाल हैं। तो यही है वो लड़की।
[संगीत] अब शक को यकीन बनाने के लिए इतना काफी है। फिर वही लड़की भैया [संगीत] भाभी को सच बता दीजिए। मेरी वजह से आपका घर टूट जाएगा। पहले तुम्हारी मां ठीक हो जाए। नहीं मुझे भाभी को सब बता दे सब बता देना चाहिए। आप अंदर आ सकती हैं। [हंसी] दीपिका क्या हुआ बेटी? पिताजी शायद [संगीत] मैं संजीव को पहचान ही नहीं पाई। क्या तुमने संजीव से इसका सच पूछा? पूछा लेकिन वो बताने को तैयार नहीं। भैया जल्दबाजी में कोई फैसला मत करना।
पहले संजीव से बात होगी। आपको यह तस्वीरें कहां से मिली? जिसे सच जानना हो रास्ते मिल ही जाते हैं। [संगीत] संजीव आज साफ-साफ बताओ ये लड़की कौन है? [संगीत] वो मेरे परिवार जैसी है। उसकी मां अस्पताल में है। तो यह बात मुझसे क्यों छिपाई? [संगीत] बस एक बार कह दीजिए कि मुझसे कुछ नहीं छिपाया। मैंने तुम्हें धोखा नहीं दिया। फिर ये पैसे किसके लिए निकाले [संगीत] गए थे? दीपिका, कोई हमारे बीच गलतफहमी पैदा कर रहा है। लेकिन हर सवाल का जवाब अधूरा क्यों है? मुझ पर एक बार भरोसा करो।
भरोसा ही तो मांग रही थी संजीव। रिश्ते तस्वीरों [संगीत] से नहीं टूटते। छिपाए गए सच से टूटते हैं। यह सब अचानक नहीं हुआ। इसके पीछे कोई है। [संगीत] संजीव मुझे भी लगता है तस्वीरों के पीछे कुछ गड़बड़ है। तो पता लगाओ इन्हें किसने खिंचवाया? इन्हें किसने खिंचवाया? बेटी गुस्से में [नाक से की जाने वाली आवाज़] जिंदगी का फैसला मत करना। मैं सिर्फ सच चाहती थी पिताजी। अगर संजीव और दीपिका की यह कहानी आपके दिल को छू रही है। वीडियो को लाइक करें। [संगीत] चैनल को सब्सक्राइब करें और हमारे इस सफर का हिस्सा जरूर बने। भैया, चलिए, मैं अभी भाभी को पूरा सच
बताती हूं। हां, अब यही सही होगा। [संगीत] पेशेंट की हालत अचानक बिगड़ गई है। मां, एक तरफ उसका परिवार, दूसरी तरफ मेरा रिश्ता अगर दोनों अलग होना चाहे प्रक्रिया कितनी जल्दी हो सकती है तस्वीरें अस्पताल [संगीत] से आई थी लेकिन भेजने वाला कौन था [संगीत] फ़ उठाओ दीपिका। तुम बहुत बड़ी गलती करने वाली हो।
फैसला बहुत बड़ा है। एक बार फिर सोच लीजिए। मैं अब इस रिश्ते में भरोसा नहीं बचा पा रही। बस कुछ दिन और सच तुम्हारे सामने होगा। 8 साल भी दे दूं तो क्या भरोसा लौट आएगा? शायद कुछ रिश्तों को यहीं रोक देना बेहतर है। क्या हमारा प्यार इतना कमजोर था? अगर मेरे जाने से तुम्हें सुकून मिलेगा। मैं तुम्हें नहीं रोकूंगा। अपना ख्याल रखना। तुम भी काश मैं तुम्हारा दर्द बांट पाता बेटी। अब बस आपके साथ रहना है, पिताजी।
पिताजी क्या हुआ? बस थोड़ी कमजोरी है। इनकी हालत गंभीर है। हमें निगरानी में रखना होगा। जो जरूरी हो कीजिए डॉक्टर साहब। बेटी जिंदगी में कभी खुद को कमजोर मत समझना। आप ठीक होकर खुद मुझे समझाइएगा। दीपिका जी आपसे कुछ बात करनी है। अब तुम्हें खुद को संभालना होगा बेटी। पिताजी की जमीन के कागज कहां हैं? कुछ पुराने कर्ज और कानूनी मामले हैं। [संगीत] इन संपत्तियों पर पहले से कई दावे दर्ज हैं। पिताजी ने मुझे कभी नहीं बताया। पिताजी के बाद सब कुछ इतनी जल्दी कैसे बदल
गया? कारोबार में नुकसान हुआ था। मैं क्या कर सकता हूं? [संगीत] कोई काम पता हो तो बताइए। मुझे काम की जरूरत है। ईंट भट्ठे पर मजदूर चाहिए है। काम बहुत कठिन है। पहले कभी मजदूरी की है? नहीं लेकिन सीख जाऊंगी। काम आसान नहीं है। सुबह से शाम तक मेहनत करनी पड़ेगी। मुझे आसान काम नहीं ईमानदार काम चाहिए। धीरे बहन पहली बार है। गिरूंगी तो फिर उठा लूंगी। आज पहली बार समझ आया। मेहनत की कमाई कितनी भारी होती है। पिताजी। आपकी बेटी किसी के सामने हाथ नहीं
फैलाएगी। दीपिका की याद आती है? हर दिन मां लेकिन अब मेरे पास सिर्फ मेरा सपना बचा है। तुम्हें भूलना मेरे बस में नहीं है। अब भी आईएएस की तैयारी कर रहा है। अब पहले से ज्यादा। नहीं अभी हारने का वक्त नहीं है। अंतिम 5 मिनट शेष हैं। फिर नहीं। जिस दिन तू किताब बंद कर देगा उस दिन सच में हार जाएगा।
[गहरी सांस लेने की आवाज़] एक साल और सही लेकिन सपना नहीं छोडूंगा। 7 साल अब शायद आखिरी मौका है। इस बार अपनी पूरी जिंदगी उस कागज पर लिखाना बेटा। आशीर्वाद रखना मां। आप परीक्षा प्रारंभ कर सकते हैं। यह सिर्फ परीक्षा नहीं मेरे आठ साल का जवाब है।
हे भगवान बस इस बार हो गया मां मैं सफल हो गया [संगीत] मां तुम्हारा बेटा आईएएस बन गया सच हमारा संजीव आईएएस बन गया [प्रशंसा] हमारा संजीव आईएएस बन गया। आज सब कुछ मिल गया दीपिका। बस तुम नहीं हो। [संगीत] हम्म
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